Ganesh Chaturthi 2020- जानिए क्यो मनाया जाता है, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

Ganesh Chaturthi 2020: गणेश चतुर्थी हर साल भगवान गणेश के जन्म के रूप में मनाया जाता है। ज्ञान और सौभाग्य के प्रतीक के रूप में माना जाता है, भगवान गणेश को 108 नामों से जाना जाता है।

इस बार गणेश चतुर्थी 22 अगस्त शनिवार को मनाई जाती है, हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है…

Ganesh Chaturthi 2020- Know why it is celebrated, auspicious time and worship method by technokashi.com

इनके मूर्ति को घर या मुहल्ले मे 11 दिन तक रखने से व्यक्ति के जीवन से सारे कष्ट दूर हो जाते है

उनके आने से मांगलिक कार्यों का आरंभ होता है…

जानिए क्यो पड़ा उनका नाम गणपती और कब से मनाया जाने लगा गणेश चतुर्थी –

एक बार उनकी माता, देवी पार्वती ने भगवान गणेश को स्नान करते समय प्रवेश द्वार की रक्षा करने के लिए कहा था।

भगवान शिव उसी क्षण आ गए और प्रवेश करने की कोशिश करने पर गणेश द्वारा रोका गया। इससे शिव नाराज हो गए और उन्होंने गणेश का सिर काट दिया….

यह देखकर देवी पार्वती हतप्रभ थीं, जिसके कारण शिव ने अपने गणों को गणेश के कटे सिर को बदलने के लिए एक जीवित प्राणी का सिर देखने का निर्देश दिया।

उन्हें एक शिशु हाथी का सिर मिला और इसी तरह भगवान गणेश जीवन में वापस आए और बाद में भगवान शिव द्वारा गणपति का नाम रखा गया।

यह पूरी घटना जिस दिन घटी थी उस दिन भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी थी. इसलिए हर साल भाद्रपद की शुक्ल चतुर्थी को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है….

गणेश का जन्म –

ऐसा माना जाता है कि गणेश का जन्म मध्याह्न के समय हुआ था, यही कारण है कि वैदिक ज्योतिष के अनुसार गणेश पूजा करने का सबसे उपयुक्त समय मध्याह्न है। इस साल समारोह 22 अगस्त से शुरू होगा।

गणेश चतुर्थी शुभ मुहूर्त –

मध्याहन गणेश पूजा मुहूर्त – 11 बजकर 06 मिनट सुबह से दोपहर 01 बजकर 42 मिनट तक

वर्जित चंद्र दर्शन का समय – सुबह 09 बजकर 07 मिनट से रात 09:26 तक

चतुर्थी तिथि आरंभ – 21 अगस्त, शुक्रवार – रात 11 बजकर 02 मिनट से

चतुर्थी तिथि समाप्त – 22 अगस्त, शनिवार – शाम 07 बजकर 57 मिनट तक…

गणेश चतुर्थी पूजा विधि –

1- पहले स्नान करके पवित्र हो जाए

2- जिस स्थल पर प्रतिमा विराजमान करनी है, उसे साफ करें। गंगाजल डाल कर पवित्र करें।

3- भगवान गणेश की प्रतिमा को चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाकर विराजमान करें।

4- धूप, दीप और अगरबत्ती जलाएं। ध्यान रखें कि जब तक गणेश जी आपके घर में रहेंगे तब तक अखंड दीपक जलाकर रखें।

5- गणेश जी के मस्तक पर कुमकुम का तिलक लगाएं।

6- फिर चावल, दुर्वा घास और पुष्प अर्पित करें।

7- गणेश जी का स्मरण कर गणेश स्तुति और गणेश चालीसा का पाठ करें।

8- इसके बाद ॐ गं गणपते नमः का जप करें।

9- भगवान गणेश की आरती करें….

10- आरती के बाद गणेश जी को फल या मिठाई आदि का भोग लगाएं। संभव हो तो मोदक का भोग जरूर लगाएं। भगवान गणेश को मोदक प्रिय हैं।

11- रात्रि जागरण करें।

12- गणेश जी को जब तक अपने घर में रखें, उन्हें अकेला न छोड़ें। कोई न कोई व्यक्ति हर समय गणेश जी की प्रतिमा के पास रहे।

Deepshikha Gupta

Deepshikha Gupta likes to work as a blogger, she is more conscious in writing articles, she is a resident of Varanasi, she has more thinking power and is passionate about thought....

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